Hindi Sexy Story

Hindi Sexy Story – New Hindi Sex Stori – Katha Antarvasna

मनीष एक बहोत ही होनहार लडका था।
वोह दिखने मे बहोत खुबसुरत था।उंचा लबा कद और उसका दुध जैसा गहरा सफेद रंग सबको उसकी और आकर्षीत करता था।वोह अब जवान हो गया था।उसे जो भी देखता उसके प्यार मे पड ज्याता।उसकी जवानी से लपालप बांहह मे अपनी बाँहे डालकर सोने का मजा लेना चाहता।

एक दिन रोज कि तराह वोह अपनी प्रायवेट टिचर के घर ट्यूशन लेने गया।स्कुल मे दिये होमवर्क को उसे पुरा करना था। अपनी क्यास के टिचर से डर लगता था।वोह मनीष से बहोत सारे सवाल पुछा करती थी।ईसलिए उसके घर के लोगों ने उसके लिए प्रायवेट ट्युशन सुरू कर दिया,रोज संगिता उसके घर आकर उसे पाठ पढ़ाकर ज्याती ।पिछले दो तीन साल से वह उसे पढ़ाती थी।उसकी ट्यूशन लेकर मनीष बहोत होशियार बन रहा था।

लेकिन कुछ दिनो से मनीष का मन पढ़ाई मे नही लग रहा था।उसकी वजह थी उसकी उम् बढ गई थी,वह किशोर अवस्था से निकलकर युवा अवस्था मे आ रहा था।
उसके बदन मे बदलाव होने लगे थे,और वोह बदलाव मनीष के लिए थे।मनीष कि समझ मे आ रहे थे।लेकिन,वह किसीसे कह नही सकता था।

आज के दिन संगिता के घर मनीष चला गया।कुछ दिनो से वह अपनी ट्यूशन टिचर के प्यार मे फस रहा था।उसकी उम्र लगबघ २६ साल कि होगी।उसके स्तन भी बेहत खुबसुरत और बडे घुमाव वाले और कठोर थे।जैसै उसके बदन कि कोई पक्का हुआ फल निकल आया हो और देखने वालो मन तुरंत उसे खा जाने के लिए ललचा जाऐ ऐसा था उसका मादक यौवन।

उस दिन संगिता के घर मे ज्याते ही मनीष अपने क्लास कि रूम मे जाकर अपने डेस्क पर बैठ गया।अपनी किताबे निकालकर पढ़ने लगा,तभी क्लासरूम मे संगिता ने एन्ट्री की और मनीष का अपनी किताबों से ध्यान हट गया।आज संगिता ने गहरे लाल रंग की साडी पहन रखी थी,अंदर गहरे पिरे रंग का ब्लाउज पहना था।आज वोह बेहद उमदा लग रही थी।क्लासरूम के अंदर आते ही संगिताने मनीष का हाल पुछना शुरू किया।

संगिता :- कैसे हो मनीष,तुमने कुछ दिन तक क्लास अटेंड नही किया ।क्यों कोई परेशानी है।

मनीष :- नही मॅम,मै घर ही अपना होमवर्क कर रहा था।

संगिता :- अच्छा अब खुद ही पढ़ाई करने लगे हो।ईतने होशियार कब बने यह मुझे भी समझ नही आ रहा।

मनीष :- सच मॅम मै खुद पढ़ाई कर रहा था।

संगिता :- दिखाओं कौन कौनसे पाठ कि तैयारी कि हो।

मनीष अपनी नोटबुक देने से झिझक रहा था।तभी संगिता ने उसके हाथों से नोटबुक निकाल ली।और सामने वाले अपने डेस्क पर जाकर बैठ गई।और कहने लगी आज मेरा काम कुछ कम हो जाऐ शायद।मनीष तुम खुद जो पढ़ाई करने लग गये हो।ऐसा कहते हुए उसने नोटबुक खोली।कुछ पन्ने देखकर आगे के कुछ पन्ने देखे तो वोह चौकनी रह गई फिर कुछ पन्ने और देखे।
और मनीष से पुछने लगी “मनीष यह कौनसी पढ़ाई कर रहे हो तुम,तुम पागल हो गये हो क्या”

मनीष:- नही मॅम मै बस थोडी प्रैक्टिस कर रहा था।

संगिता :- ऐसी प्रैक्टिस औरतो कि नंगी ड्राॅईग बनाई है तुमने यहां।ये क्या दिखा रसे हो तुम मुझे।

मनीष :- साॅरी मॅम,आजकाल मन थोडा इधर-उधर भटक रहा है।ईसलिए मैने यह तस्वीरे निकाली है।

संगिता :- ईधर आवो मेरे पास।

मनीष संगिता मॅम के पास चला गया और उसके सामने खडा हो गया।

मनीष :- नोटबुक दे दिजीए मॅम कुछ नही है यह सिर्फ वक्त गुजारने के लिए निकाली थी।

संगिता नोटबुक मे अपनी ऑंखे गाडकर देख रही थी।हर एक पन्ना देखकर चौक रही थी।मनीष खडे खडे उसके ब्लाऊस से दिख स्तनों को घुर रहा था।उसके बडे घुमाव वाले कठोर स्तन देखने मे उसे बडा मजा आ रहा था।ब्लाउज णे पहने उसके उसके निकर मे दबे उसके चुंचे बडी शान से ब्लाउज के बाहर झांक रहे थे।मनीष मन ही मन खुश हो रहा था।

संगिता ने कुछ देर बात अपना ध्यान नोटबुक से हटाया और मनीष कि और देखने लगी।उसे देखकर उसका थोडा सदमा पहुंचा,क्योकि मनीष ने अपना लिंग खडा कर दिया था।

संगिता :- मनीष यह क्या रहे हो क्या ऐसी बेहुदा हरकत करते हुए तुम्हें शर्म नही आ रही।
मनीष :- क्या करू मॅम शर्म तो आ रही है लेकिन यह लवडा है कि आजकल मचल ही रहा है किसी की ना किसी कि चुत मै घुसने के लिए।अब आप ही कुछ कर सकती हो मैम।जरा देखो तो यह कैसै फुला हुआ है।
ऐसा कहते हुए मनीष ने अपनी पैंट का झिप खोला और अंडरवियर से अपना लिंग बाहर निकाला।

संगिता उसका गोलम गोल लंबा नया नवेला लिंग देखकर दंग रह गई।मनीष यह क्या पागलपन है।ढ़क दो अपने लिंग को।ऐसा कहते हुए वह अपनी टेबल से उठ गई।
अब मनीष से रहा नहीं जा रहा था।उसे संगिता कि कमर और उसकी नाभी दिखाई दे रही थी।जो संगीता को और भी मादक बना रही थी।संगिता टेबल से बाहर निकली वैसे ही मनीष ने अपने घुटने टेक दिए और संगिता की नाभी पर अपना मुॅह लगाकर उसकी चुमी लेने लगा।उसने अपने हाथों से उसकी गांड के दोंनो उठाव भरे हिस्से को पकड रखा।संगीता हिल नहीं पा रही थी।मनीष उसकी नाभी को चुमता जा रहा था,चुमता जा रहा था।

आखिरकार संगिता की वासना मनीष ने बढा हि दी।उसने अपने हांथो से मनीष के को पकड लिया।अपनी उंगलीयों से उसके सिर को सहलाने मे लग गई।मनीष उसके गांड के उठाव को सहला रहा था।फिर वह अचानक से खडा हो गया।
उसने संगिता को उसकी गांड कि उठाव को पकड कर उपर उठा लिया फिर उसने उसके स्तनों पर अपना मुंह रगडना शुरू किया।उसे टेबल पर बैठाया।फिर संगिता के ब्लाऊज मे हाथ डाला और जोर से स्तनों को दबाने मे लग गया।संगीता ने उसका लिंग अपने हाथ मे पकडा और उसे सहलाने मे लग गई।

मनीष ने संगीता मैम के ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए।उसके स्तन अचानक से उछलकर बाहर कि हवा खाने लगे।
मनीष ने उसके चुंचे को अपनी उंगली से पकडा और उसे दबाने लगा।

संगीता हसीं नही रोक पा रही थी।मनीष ईसमे से दुध नहीं निकलने वाला।ईतना मत दबाओं।

ऐसा कहकर संगिता टेबल से उतर गई और अपनी गहरे लाल रंग की साडी उतारना शुरू किया।साडी उतारते ही मनीष जो कुछ देखा बस देखता रह गया।
संगिता के जाॅघो मे उसकी खुलीखुली चुत नजर आ रही थी।जो मनीष ने पहली बार देखी थी।अब मनीषने उसे फिर से टेबल पर बिठा दिया।
संगीता से अपने पाँव फैलाये।उसकी गुलाब कि पंखुडी जैसी चुत देखकर उसे बडा मजा आया।संगिता ने उसकी चुत मनीष से चटवा ली।
फिर टेबल पर पैर फैलाये मनीष का लिंग पकडा और उसे अपनी चुत मे सरकाने के लिए कहाँ।

फिर जो हुआ बस मनीष की स्वर्ग सुख दे रहा था।मनीष अपना लिंग उसकी चुत मे घुसा रहा था।

फिर अचानक उसने संगीता मैम से पुछा “कितना लंबा घुसा है मैम मेरा लिंग आपकी चुत मे”

संगिता मैम ने उसकी उंगली अपनी नाभी तक रखते हुए उसे दिखाया।

फिर करीब आधा घंटा मनीष संगीता मैम को चोदता रहा,उसकी चुत को अपने लिंग से खोदता रहा।